गाजीपुर का वीर सपूत अमर: साथियों की जान बचाते हुए शहीद हुए कैप्टन प्रशांत चौरसिया
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमानियां का नाम आज पूरे देश में गर्व के साथ लिया जा रहा है। यहां के 24 वर्षीय कैप्टन प्रशांत कुमार चौरसिया ने देहरादून के विकासनगर स्थित आसन बैराज में अपने साथियों की जान बचाते हुए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। 21 मार्च को नदी पार करने के सैन्य अभ्यास के दौरान अचानक हालात बिगड़ गए और कई जवान तेज धारा में फंसकर डूबने लगे। यह देख कैप्टन प्रशांत बिना एक पल गंवाए मौत से लड़ने के लिए पानी में कूद पड़े। उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए कई साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन खुद जिंदगी की जंग हार गए और देश के लिए शहीद हो गए।
सोमवार को उनका पार्थिव शरीर वायुसेना के विशेष विमान से वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचा, जहां सेना के जवानों ने उन्हें सशस्त्र सलामी दी। इसके बाद तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव जमानियां लाया गया। रास्ते भर लोगों ने पुष्प वर्षा कर अपने वीर सपूत को अंतिम सम्मान दिया।
घर पहुंचते ही मातम पसर गया। मां-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शाम को पक्का बलुआ घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जहां छोटे भाई ने मुखाग्नि दी। हजारों नम आंखों ने अपने इस जांबाज़ हीरो को अंतिम विदाई दी—एक ऐसा वीर, जो हमेशा के लिए अमर हो गया। 🇮🇳