गंगोत्री धाम में SDRF की सतर्कता और जवान की बहादुरी से टला बड़ा हादसा, श्रद्धालु को गंगा की तेज धारा से बचाया गया
उत्तरकाशी स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए SDRF द्वारा की गई पूर्व तैयारियां एक बार फिर कारगर साबित हुईं। गुरुवार को गंगोत्री घाट पर स्नान के दौरान छत्तीसगढ़ निवासी 77 वर्षीय श्रद्धालु चंद्रहास सिंह का अचानक पैर फिसल गया, जिससे वे गंगा नदी की तेज धारा में बहने लगे। घटना के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि, SDRF की मुस्तैदी और पहले से किए गए सुरक्षा इंतजामों के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। SDRF द्वारा घाट पर सुरक्षा के दृष्टिगत लगाए गए सेफ्टी रोप को श्रद्धालु ने समय रहते पकड़ लिया, जिससे वे तेज बहाव में पूरी तरह बहने से बच गए। घटना की सूचना मिलते ही घाट पर तैनात SDRF टीम तुरंत सक्रिय हो गई।
SDRF के जवान नवीन पोखरिया ने अदम्य साहस और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए बिना किसी देरी के गंगा नदी में उतरकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सुरक्षा उपकरणों और तकनीकी कौशल का उपयोग करते हुए उन्होंने श्रद्धालु तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद श्रद्धालु और उनके परिजनों ने SDRF टीम का आभार व्यक्त किया।
इस सफल और साहसिक रेस्क्यू अभियान की स्थानीय लोगों तथा अन्य श्रद्धालुओं ने भी सराहना की। SDRF के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने जवान नवीन पोखरिया की बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और तत्परता की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित जवान ही आपदा और संकट की घड़ी में लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित होते हैं। :::
