उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को दहला दिया है। मसूरी रोड स्थित जोहड़ी गांव के पास दो गुटों के बीच हुई गैंगवार की चपेट में आकर एक बेगुनाह पूर्व सैन्य अधिकारी, ब्रिगेडियर वीके जोशी, की जान चली गई। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है।
बताया जा रहा है कि ब्रिगेडियर वीके जोशी रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे। उसी दौरान दो गाड़ियों के बीच चल रही आपसी रंजिश अचानक खूनी संघर्ष में बदल गई। शुरुआती तौर पर इसे रोड रेज का मामला माना गया, लेकिन जांच में सामने आया कि विवाद की शुरुआत एक नाइट क्लब में डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुई कहासुनी से हुई थी। यह मामूली बहस बाद में हिंसक टकराव में तब्दील हो गई।
क्लब से निकलने के बाद एक काले रंग की स्कॉर्पियो ने सफेद फॉर्च्यूनर का पीछा करना शुरू किया। सोशल मीडिया पर वायरल सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि दोनों गाड़ियां तेज रफ्तार में एक-दूसरे का पीछा कर रही हैं। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने फॉर्च्यूनर पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
जोहड़ी गांव के पास से गुजरते समय एक गोली ब्रिगेडियर जोशी के सीने में जा लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे अचानक सड़क पर गिर पड़े। शुरुआत में लोगों को लगा कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है, लेकिन जब खून बहता देखा गया तो तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद फॉर्च्यूनर एक पेड़ से टकरा गई और दोनों गुटों के बीच मारपीट भी हुई, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना ने राजधानी में बढ़ते अपराध और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।