बगोड़ी बना मिसाल: ग्राम सभा ने लिया ऐतिहासिक फैसला, अब ‘शराब मुक्त गांव’ की ओर बड़ा कदम
उत्तराखंड के बगोड़ी गांव से एक बड़ी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां ग्राम पंचायत ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गांव को पूर्ण रूप से शराब मुक्त घोषित करने का संकल्प लिया है। यह फैसला ग्राम प्रधान देवराज बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित एक व्यापक और जनभागीदारी वाली बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में तहसील प्रशासन के राजस्व उप निरीक्षक, विकास खंड कार्यालय के ग्राम विकास अधिकारी, पुलिस विभाग के हेड कांस्टेबल, क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती संगीता देवी सहित कई गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी रही। बैठक का माहौल गंभीर होने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ था, जहां गांव के विकास और सामाजिक सुधार को केंद्र में रखकर चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य आकर्षण रहा—गांव को नशामुक्त बनाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव, जिसे ग्रामवासियों, महिला मंगल दल और युवा मंगल दल ने एकजुट होकर पूरा समर्थन दिया। खास बात यह रही कि महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस निर्णय को और अधिक मजबूत बना दिया।
ग्राम प्रधान देवराज बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं बिगाड़ता, बल्कि पूरे समाज की नैतिक और सामाजिक व्यवस्था को कमजोर करता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर देते हुए इसे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला गांव की जनभावनाओं और सर्वसम्मति के आधार पर लिया गया है, जो इसे और भी मजबूत बनाता है।
बैठक में सिर्फ शराबबंदी ही नहीं, बल्कि गांव की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर भी अहम फैसले लिए गए। इसके तहत यह तय किया गया कि अब गांव में बाहरी रेडी-फेरी वाले व्यक्तियों का प्रवेश ग्राम प्रधान की अनुमति के बिना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
इस निर्णय के बाद गांव में एक नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव की लहर देखने को मिल रही है। ग्रामवासियों ने इस दूरदर्शी पहल के लिए ग्राम प्रधान का आभार जताया और गांव को स्वच्छ, सुरक्षित और नशामुक्त बनाने के इस अभियान में पूरा सहयोग देने का संकल्प दोहराया।
बगोड़ी का यह कदम अब अन्य गांवों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।

