उत्तरकाशी जिले के बड़कोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉ. अंगद सिंह के स्थानांतरण को लेकर उठी जनभावनाओं का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। विकासनगर (देहरादून) के लिए किए गए उनके स्थानांतरण को फिलहाल रोक दिया गया है। इस निर्णय के पीछे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजलवान की सक्रिय पहल को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
डॉ. अंगद सिंह अपनी कार्यशैली, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और बेहतर चिकित्सा सेवाओं के कारण बड़कोट सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय हैं। उनके स्थानांतरण की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। क्षेत्रवासियों का कहना था कि पर्वतीय क्षेत्रों में पहले से ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में एक समर्पित चिकित्सक का स्थानांतरण स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर सकता था।
इस मुद्दे को लेकर लोगों ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजलवान से मुलाकात कर अपनी चिंता व्यक्त की। जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए दीपक बिजलवान ने तत्काल उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से दूरभाष पर बातचीत की और बड़कोट की परिस्थितियों से अवगत कराते हुए जनहित में स्थानांतरण पर पुनर्विचार का अनुरोध किया।
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद डॉ. अंगद सिंह का स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। इस फैसले के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दीपक बिजलवान और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व जनता की समस्याओं को समय पर सरकार तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना होता है। लोगों का कहना है कि इस मामले में दीपक बिजलवान ने त्वरित पहल कर एक बार फिर जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और जनसेवा की भावना का परिचय दिया है।
