उत्तरकाशी से एक दुखद खबर सामने आई है। टौंस वन प्रभाग पुरोला के अंतर्गत ठडूंग बीट के जंगल में लगी आग बुझाने के दौरान वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड सोहन सिंह रावत की दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, 17 जून की शाम सोहन सिंह रावत जंगल में लगी आग पर काबू पाने के लिए श्रमिकों के साथ मौके पर पहुंचे थे। देर शाम आग बुझाने के बाद सभी श्रमिक अपने डेरे लौट गए, जबकि सोहन सिंह घर के लिए रवाना हुए।
जब देर रात तक वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। वन विभाग, ग्रामीणों और परिजनों की संयुक्त खोजबीन के दौरान उनका शव कंडार के नीचे सिरोड़ा खड्ड के पास एक गहरी खाई में मिला।
प्रारंभिक आशंका है कि आग बुझाने के बाद लौटते समय पहाड़ी रास्ते में पैर फिसलने से वह खाई में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वन विभाग ने शव को खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया और आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया। डीएफओ डीपी बलूनी और विधायक दुर्गेश्वर लाल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा में दिया गया सर्वोच्च बलिदान बताया।
सोहन सिंह रावत का यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

