उत्तराखंड में मौसम का रौद्र रूप अब आफत बनता जा रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक झमाझम बारिश, ओलावृष्टि और तेज अंधड़ ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है, जबकि खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।
राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों में तेज अंधड़ के चलते पेड़ और बिजली के पोल गिरने से व्यापक नुकसान हुआ है। वहीं लगातार बारिश के कारण तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंडक बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भी हालात ऐसे ही बने रहने की चेतावनी जारी की है। देहरादून समेत सात जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
चमोली के ऊंचाई वाले इलाकों—बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब और औली-गौरसों में बारिश, जबकि निचले क्षेत्रों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। पौड़ी में आंधी-तूफान से भारी नुकसान हुआ और कई जगहों पर 12 घंटे से ज्यादा बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया।
कुमाऊं क्षेत्र में भी अंधड़ और बारिश ने बिजली व यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया है। जगह-जगह पेड़ गिरने और भूस्खलन से सड़कों पर आवाजाही बाधित हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश में बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।