ब्रेकिंग न्यूज़ | प्रतापनगर में जमीन का गोरखधंधा, टिहरी झील क्षेत्र में तेजी से बिक रही जमीनें
टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र की रैका पट्टी से एक बड़ा मामला सामने आ रहा है, जहां जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि टिहरी झील से प्रभावित इस क्षेत्र में बाहरी लोगों को बड़े पैमाने पर जमीन बेची जा रही है, जिससे गांवों की पहचान और भविष्य दोनों खतरे में पड़ते दिखाई दे रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार रैका पट्टी और टिहरी झील के आसपास बसे कई गांवों में पिछले कुछ वर्षों के भीतर जमीनों की बिक्री तेजी से बढ़ी है। बताया जा रहा है कि अब तक करीब 60 प्रतिशत से अधिक जमीन बाहरी लोगों के हाथों में जा चुकी है। गांव के लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में गांव के ही कुछ लोग बिचौलिये की भूमिका निभा रहे हैं, जो बाहरी निवेशकों के साथ मिलकर स्थानीय ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर उनकी जमीनें बिकवा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आने वाले समय में टिहरी झील क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनने वाला है। ऐसे में बाहरी लोग भविष्य के पर्यटन कारोबार को देखते हुए यहां तेजी से जमीन खरीद रहे हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में स्थानीय लोग अपनी ही जमीन और क्षेत्र में अल्पसंख्यक बन जाएंगे।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में क्षेत्र के कुछ राजनैतिक और सामाजिक लोग भी कहीं न कहीं जुड़े हुए हैं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार लोग इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं और दूर से तमाशा देख रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और बाहरी लोगों को जमीन बेचने के मामलों पर सख्त नियम लागू किए जाएं, ताकि भविष्य में क्षेत्र की जमीन और स्थानीय लोगों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
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