
उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल **देवप्रयाग** में एक दुखद सड़क हादसा हुआ है, जिसमें एक यूटिलिटी वाहन (पिकअप) गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में वाहन में सवार **दो युवक** लापता हो गए हैं और उनके बचाव के लिए **एसडीआरएफ** (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) तथा स्थानीय पुलिस द्वारा सर्च एवं रेस्क्यू अभियान जोर-शोर से जारी है।
यह घटना 13 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 4:50 बजे की बताई जा रही है। वाहन ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग के **सैनिक होटल** के समीप अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई से होते हुए सीधे **गंगा नदी** की ओर जा गिरा। कुछ रिपोर्टों में इसे खाई में गिरने के रूप में वर्णित किया गया है, जबकि अन्य में नदी में समाने की बात कही गई है, जो क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक स्थिति को दर्शाता है जहां सड़कें अक्सर नदी के किनारे से गुजरती हैं और छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।
वाहन का पंजीकरण नंबर **UK 11 CA 2034** है। इसमें सवार दोनों व्यक्ति सब्जी लोड करके **हरिद्वार** से **कर्णप्रयाग** की ओर जा रहे थे। लापता व्यक्तियों की पहचान इस प्रकार है:
– **अमन नेगी** (उम्र 28 वर्ष), पुत्र धीरेंद्र सिंह नेगी, निवासी ग्राम पलेटी, पोस्ट कर्णप्रयाग, जिला चमोली, उत्तराखंड। वे वाहन के स्वामी/चालक बताए जा रहे हैं।
– **अयान** (उम्र 19 वर्ष), पुत्र गुलशराज, निवासी ग्राम रोखेड़ी, थाना नजीबाबाद, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश।
सर्च अभियान के दौरान महत्वपूर्ण सुराग के रूप में एक **मोबाइल फोन** बरामद हुआ है। इस फोन की जांच के बाद परिजनों से संपर्क करने पर यह **अयान** का होने की पुष्टि हुई। परिजनों को सूचना दे दी गई है। हालांकि, अभी तक न तो वाहन का पूरा अवशेष और न ही दोनों लापता युवकों का पता चल सका है। एसडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ मिलकर नदी और खाई के आसपास के इलाके में लगातार तलाश कर रही है।
देवप्रयाग उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां अलकनंदा और भागीरथी नदियां मिलकर गंगा का रूप लेती हैं। यहां की सड़कें पहाड़ी और संकरी होने के कारण दुर्घटनाएं आम हैं, खासकर सुबह के समय जब कोहरा या फिसलन अधिक होती है। यह हादसा स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस या एसडीआरएफ से संपर्क करें। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव की आवश्यकता पर जोर दिया है।