


स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब यह जाम घंटों तक बना रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चे, अस्पताल पहुंचने वाले मरीज, दफ्तर और जरूरी कामों के लिए निकलने वाले लोग इस जाम में फंसे रह जाते हैं। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जो बेहद चिंताजनक है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जाम की वजह से ग्राहक भी बाजार आने से कतराने लगे हैं, जिससे उनके कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
जाम का एक बड़ा कारण अव्यवस्थित पार्किंग भी है। सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन पहले से ही संकरी सड़क को और तंग कर देते हैं। इसके अलावा, बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए न तो पर्याप्त पुलिस व्यवस्था है और न ही कोई ठोस यातायात योजना। बड़े वाहनों के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग या समय निर्धारित न होने से समस्या और बढ़ जाती है।
अब समय आ गया है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ठोस कदम उठाए। बाजार क्षेत्र में बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध, वैकल्पिक बाईपास मार्ग का निर्माण, नो-पार्किंग ज़ोन का सख्ती से पालन और नियमित ट्रैफिक व्यवस्था लागू करना बेहद जरूरी है। जब तक इन मुद्दों पर गंभीरता से काम नहीं किया जाएगा, तब तक लंबगांव की जाम की समस्या यूं ही आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी रहेगी।