टिहरी जिले के देवप्रयाग में बुधवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। 17 वर्षीय छात्रा के अलकनंदा नदी में डूबने की खबर से हड़कंप मच गया। देर रात तक पुलिस, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी रहीं, लेकिन गुरुवार सुबह तक भी छात्रा का कोई पता नहीं चल सका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टिहरी जिले की हिंडोलाखाल पट्टी के एक गांव की रहने वाली 12वीं कक्षा की छात्रा का बुधवार सुबह परिजनों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। कहासुनी से आहत होकर वह बिना बताए घर से निकल गई। बताया जा रहा है कि वह करीब 6 किलोमीटर पैदल चलकर देवप्रयाग पहुंची और संगम क्षेत्र के पास स्थित टोडेश्वर पुल पर खड़ी हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ देर तक वह पुल पर अकेली खड़ी रही। अचानक लोगों ने उसे नदी में गिरते और तेज धारा में बहते देखा। आसपास मौजूद लोग जब तक मदद के लिए पहुंचते, तब तक वह गहरे पानी में समा चुकी थी। बताया जा रहा है कि छात्रा पानी में हाथ-पैर मारती दिखाई दी, लेकिन अलकनंदा की प्रचंड धारा के आगे वह ज्यादा देर तक संघर्ष नहीं कर सकी और देखते ही देखते लापता हो गई।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर शाम तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। रात होने के कारण अभियान को अस्थायी रूप से रोका गया, जिसे गुरुवार सुबह फिर शुरू किया गया है।
पुलिस के अनुसार, छात्रा सरकारी विद्यालय में 12वीं की छात्रा थी और पारिवारिक विवाद के बाद घर से निकली थी। परिजनों से पूछताछ की जा रही है और घटना के सभी पहलुओं की जांच जारी है। फिलहाल, प्रशासन ने आसपास के घाटों और संभावित बहाव क्षेत्र में खोज तेज कर दी है। पूरे इलाके में चिंता और शोक का माहौल बना हुआ है।

