कोटद्वार के मोहम्मद दीपक से मिले राहुल गांधी, गले लगाकर की मोहम्मद दीपक से मुलाकात

0

mohmmad deepak news

20260223_212037.jpg


उत्तराखंड के कोटद्वार से उठी एक मिसाल, जो अब राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई है।

कोटद्वार के जिम संचालक दीपक कुमार, जिन्हें मोहम्मद दीपक के नाम से भी जाना जाता है, हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात में राहुल गांधी ने दीपक को गले लगाते हुए उनकी हिम्मत और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि “एकता और साहस की ऐसी ही लौ हर भारतीय युवा के अंदर जलनी चाहिए।”

यह मुलाकात उस घटना की परिणति थी, जिसने 26 जनवरी को कोटद्वार में सनसनी मचा दी थी। बताया गया कि उस दिन शहर के एक व्यस्त बाजार में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार पर दबाव डाला जा रहा था कि वह अपनी दुकान के नाम से ‘बाबा’ शब्द हटा दें। इसी बीच दीपक ने आगे आकर उस दबाव का विरोध किया और दुकानदार के समर्थन में खड़े हुए।

बहस के दौरान जब उनसे उनका नाम पूछा गया, तो दीपक ने स्पष्ट रूप से कहा, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” इस साहसिक कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। सोशल मीडिया यूजर्स ने दीपक की इस पहल को सामाजिक सद्भाव का उदाहरण बताते हुए उनकी खूब तारीफ की, वहीं कुछ लोग इससे असहमत भी रहे।

इस वीडियो ने दीपक को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया। कई अखबार और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसे बहादुरी, सहिष्णुता और सामाजिक एकता के प्रतीक के रूप में पेश किया। दीपक की इस पहल ने युवा पीढ़ी को यह संदेश दिया कि धार्मिक सहिष्णुता और मानवता के लिए खड़े होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक बदलाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। दीपक के इस कदम ने यह साबित कर दिया कि सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि कर्मों से भी समाज में एकता और भाईचारे की मिसाल कायम की जा सकती है।

कोटद्वार के मोहम्मद दीपक

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

You may have missed