देहरादून में हाईटेक नकल गैंग का भंडाफोड़, 10 लाख में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा
देहरादून में प्रतियोगी परीक्षाओं की साख पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शहर में सक्रिय एक हाईटेक नकल गैंग का पर्दाफाश किया है, जो सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से 10 लाख रुपये तक की मांग करता था।
एसटीएफ को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने का दावा कर रहे हैं। इसके बाद टीम ने गुप्त निगरानी शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें भरोसा दिलाते थे कि परीक्षा में उनका चयन सुनिश्चित है। इसके लिए वे आधुनिक तकनीक का सहारा लेते थे।
पुलिस के अनुसार, गैंग ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रो ईयरपीस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए परीक्षा के दौरान प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने की योजना बनाता था। कुछ मामलों में परीक्षा केंद्रों से सांठगांठ का भी दावा किया जाता था, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए जांच जारी है।
एसटीएफ ने देहरादून के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकदी, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कई मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसका तार अन्य जिलों या राज्यों से तो नहीं जुड़ा है।
अधिकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे किसी भी अवैध तरीके से दूर रहें और ऐसे प्रलोभनों में न फंसें। मामले में आगे की जांच जारी है।
