उत्तराखंड के राशन कार्ड धारक ध्यान दें! आपके लिए आई एक अच्छी और दूसरी बुरी खबर

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आखिरकार लंबे इंतजार के बाद सरकारी राशन गोदामों में जनवरी माह का चावल पहुंचना शुरू हो गया है। चावल की आपूर्ति शुरू होते ही खाद्य आपूर्ति विभाग ने राहत की सांस ली है और अब इसे चरणबद्ध तरीके से राशन विक्रेताओं को वितरित किया जा रहा है। इससे उन हजारों कार्डधारकों को बड़ी राहत मिली है, जो पिछले कई दिनों से राशन का इंतजार कर रहे थे। अब उपभोक्ता दिसंबर और जनवरी—दोनों महीनों का राशन एक साथ राशन की दुकानों से प्राप्त कर सकेंगे।

चावल की आपूर्ति में हुई देरी को देखते हुए विभाग द्वारा खाद्यान्न उठान की तिथि भी बढ़ा दी गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग के एआरओ विजय जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिसंबर माह का चावल राशन विक्रेताओं को पहले ही उपलब्ध करा दिया गया था, जबकि जनवरी का चावल अब गोदामों में पहुंचने लगा है। चूंकि चावल समय पर नहीं आ पाया था, इसलिए उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राशन वितरण की अवधि में विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि दिसंबर माह का राशन अब 15 फरवरी तक और जनवरी माह का राशन 28 फरवरी तक लिया जा सकेगा। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे एक साथ दोनों महीनों का राशन प्राप्त कर लें, ताकि बार-बार राशन दुकानों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उल्लेखनीय है कि बीते महीने फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) यानी पोषक तत्वों से युक्त चावल के दानों की खरीद नहीं हो पाने के कारण राइस मिलों से सरकारी सस्ते गल्ले के गोदामों तक चावल की आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसी कारण दिसंबर माह में चावल समय पर गोदामों तक नहीं पहुंच सका और राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ा, जिन्हें तय समय पर राशन नहीं मिल पाया।

जानकारी के अनुसार, फिलहाल गोदामों में फरवरी माह का चावल अभी तक नहीं पहुंचा है, जबकि प्रदेश स्तर पर यह व्यवस्था है कि राशन डीलरों को एक सप्ताह पहले अग्रिम राशन उपलब्ध कराया जाए। ऐसे में फरवरी के राशन को लेकर भी उपभोक्ताओं और राशन विक्रेताओं में चिंता बनी हुई है।

जिले की स्थिति पर नजर डालें तो यहां कुल 664 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें संचालित हैं, जिनसे 2,35,104 राशन कार्डधारक जुड़े हुए हैं। इन कार्डधारकों को हर महीने लगभग 9,58,916 यूनिट राशन का वितरण किया जाता है। इतनी बड़ी आबादी की खाद्य सुरक्षा इसी वितरण प्रणाली पर निर्भर है, ऐसे में चावल की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा लोगों की दैनिक जरूरतों को सीधे प्रभावित करती है।

फिलहाल जनवरी का चावल पहुंचने से व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटती नजर आ रही है। अब सभी की निगाहें फरवरी माह के चावल की आपूर्ति पर टिकी हुई हैं, ताकि आने वाले समय में राशन वितरण में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और जरूरतमंद लोगों को समय पर खाद्यान्न मिल सके।

खबर मिलाप चौहान पत्रकार

टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड

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