उत्तरकाशी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन सड़क पर,मनरेगा पर संकट के खिलाफ उत्तरकाशी कांग्रेस सड़क पर, जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा ज्ञापन

जिला कांग्रेस कमेटी, उत्तरकाशी
दिनांक: 06 फरवरी 2026
जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी के नेतृत्व में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों ने जनभावनाओं के अनुरूप महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी उत्तरकाशी के माध्यम से प्रेषित किया। इस ज्ञापन के माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को यथावत, प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी रूप में संचालित रखने की पुरजोर मांग की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मनरेगा केवल एक रोजगार योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की रीढ़ है। इस योजना ने वर्षों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल दिया है, पलायन पर अंकुश लगाया है, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है तथा जल संरक्षण, भूमि सुधार, सिंचाई और संपर्क मार्गों जैसे कार्यों के माध्यम से स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में मनरेगा गरीब और मेहनतकश परिवारों के लिए जीवनरेखा के समान है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने चिंता व्यक्त की कि हाल के समय में मनरेगा के बजट में कटौती, कार्य स्वीकृति में अनावश्यक देरी, मजदूरी भुगतान में विलंब तथा तकनीकी कारणों का हवाला देकर जॉब कार्ड और कार्य मांग निरस्त किए जाने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे ग्रामीण श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है और गरीब परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मनरेगा में काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी तथा प्रशासनिक जवाबदेही को सख्ती से लागू किया जाए। न्यूनतम मजदूरी ₹400 प्रतिदिन निर्धारित की जाए और श्रमिकों को उनका मेहनताना अधिकतम 15 दिनों के भीतर हर हाल में दिया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही पर्याप्त रोजगार मिल सके और पलायन को रोका जा सके।
इसके साथ ही स्थानीय जरूरतों के अनुसार स्थायी और जनोपयोगी परिसंपत्तियों जैसे जल संरक्षण संरचनाएं, सिंचाई योजनाएं, पैदल मार्ग, भूमि सुधार एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग रखी गई। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी त्रुटियों के नाम पर श्रमिकों के जॉब कार्ड या कार्य मांग निरस्त करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए। श्रमिकों के सभी संवैधानिक एवं श्रम अधिकारों की पूर्ण बहाली सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत के सम्मान, श्रम और अधिकार से जुड़ी योजना है। इसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास सीधे तौर पर गरीब, मजदूर और मेहनतकश परिवारों के जीवन पर चोट है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति महोदया इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करेंगी।
ज्ञापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, जनप्रतिनिधि, मनरेगा श्रमिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से कमल सिंह रावत, शीशपाल पोखरियाल, मनीष राणा, विक्रम सिंह रावत, उत्तम सिंह गुसाईं, जितम सिंह रावत, राजेंद्र सिंह गुसाईं, मनोज मिनान, सुधीश पंवार, जसबीर चौहान, मनोज पंवार, संजीव नौटियाल, एकादशी देवी, राखी राणा, मधु रावत, अनवीर पंवार, अनिल रावत, विश्वास रावत एवं आदर्श राणा सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।
जारीकर्ता:
जिला कांग्रेस कमेटी, उत्तरकाशी